मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को बमोरी स्थित जनपद पंचायत कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और पात्र प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराते हुए नामांतरण, जाति प्रमाण-पत्र, मूल निवासी प्रमाण-पत्र, पात्रता पर्ची, आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सुविधाओं का लाभ दिया गया।
साथ ही जिन प्रकरणों का तत्काल निराकरण संभव नहीं था, उनके शीघ्र एवं समयबद्ध निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए गए।
शिविर में संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरविन्द्र धाकड़, जनपद अध्यक्ष गायत्री भील सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शिविर में आमजन से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। शिविर के प्रांरभ में अतिथियों के आगमन के पश्चात कन्या पूजन एवं स्वागत किया गया। इसके बाद हितग्राहियों से संवाद करते हुए उनके आवेदन एवं समस्याओं की जानकारी ली गई।
शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर प्रकरणों की जांच एवं निराकरण की प्रक्रिया मौके पर ही शुरू की गई। पात्र पाए गए प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई की गई, जबकि शेष मामलों के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने शिविर में उपस्थित सभी जिलाधिकारियों से परिचय प्राप्त किया तथा संबंधित आवेदकों को अधिकारियों के पास भेजकर उनकी समस्याओं का निराकरण कराया।
शिविर में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि यदि हमें विकसित भारत बनाना है, तो सबसे पहले विकसित गुना और विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण करना होगा। विकसित गुना और विकसित मध्यप्रदेश के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकेगा। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती से होने वाले लाभों की जानकारी भी दी तथा प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
आवेदनों का मौके पर किया गया निराकरण
मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर में सबसे पहले आवेदकों का पंजीयन किया गया। इसके बाद उनके आवेदन संबंधित विभागों तक पहुंचाए गए और अधिकारियों द्वारा एक-एक कर आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं। पात्रता पूरी करने वाले प्रकरणों में मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की गई।
शिविर में नामांतरण, जाति प्रमाण-पत्र, मूल निवासी प्रमाण-पत्र, पात्रता पर्ची, आधार कार्ड तथा आयुष्मान कार्ड जैसी नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे ग्रामीणों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
उद्यमियों और स्वरोजगार हितग्राहियों से किया संवाद
शिविर के दौरान उद्यमियों, नए स्टार्टअप एवं स्वरोजगार से जुड़े हितग्राहियों के साथ उद्यम संवाद भी आयोजित किया गया। इसमें किसानों, वेल्डर, पेंटर सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। उद्यम संवाद में शासन की विभिन्न योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों, प्रशिक्षण एवं ऋण सुविधाओं की जानकारी दी गई। उद्यमियों एवं स्वरोजगार हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए व्यवसाय विस्तार से जुड़े सुझाव भी दिए।
हितग्राहियों ने बताया कि शासन की योजनाओं के माध्यम से प्राप्त प्रशिक्षण, सहयोग एवं वित्तीय सहायता से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने और अपनी गतिविधियों का विस्तार करने में मदद मिली है। अधिकारियों ने हितग्राहियों से उनकी गतिविधियों, सामने आ रही समस्याओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं की जानकारी ली और संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी आमजन को दी गई। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए गए। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को प्रशासन से सीधे जोड़ते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना रहा।



