दमोह में सरकारी योजनाओं से जुड़े पात्र आवेदकों के बैंक ऋण की मंजूरी और राशि वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि स्वीकृत प्रकरणों को अनावश्यक रूप से रोकने के बजाय समय पर राशि जारी की जाए।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति और जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में विभिन्न योजनाओं के ऋण प्रकरणों की स्थिति देखी गई। इसमें पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, टंट्या मामा, डॉ. भीमराव अंबेडकर, संत रविदास और विद्यासागर योजना की प्रगति शामिल रही।

पीएम स्वनिधि के पात्र प्रकरणों के लिए सात दिन

कलेक्टर ने पीएम स्वनिधि योजना के लंबित पात्र प्रकरणों को प्राथमिकता से मंजूर करने को कहा। बैठक में बैंक प्रतिनिधियों ने ऐसे प्रकरणों को सात दिन के भीतर स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।

विभागों को निर्धारित लक्ष्य से कम से कम 150 प्रतिशत प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य उपलब्ध आवेदनों में से पात्र प्रकरण चुनकर योजनाओं का लक्ष्य समय पर पूरा करना है।

दस्तावेजों की चेकलिस्ट से कम होगी देरी

ऋण आवेदनों के लिए जरूरी दस्तावेजों की एक चेकलिस्ट बनाकर संबंधित विभागों को देने को कहा गया है। इससे प्रकरण पूरे दस्तावेजों के साथ बैंक पहुंच सकेंगे और कमी के कारण स्वीकृति में लगने वाला अतिरिक्त समय घटेगा।

डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की समीक्षा में सामने आया कि 100 से अधिक प्रकरण भेजे जाने के बाद केवल चार ऋण स्वीकृत हुए हैं। कलेक्टर ने पात्र प्रकरणों की जल्द मंजूरी और वितरण सुनिश्चित करने तथा ब्याज की गणना वास्तविक राशि वितरण के बाद ही करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करने और बैंक व विभागों के बीच नियमित समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।