अनुसूचित जाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शासन द्वारा संत रविदास स्वरोजगार योजना संचालित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के 8वीं कक्षा उत्तीर्ण बेरोजगार युवाओं तथा महिलाओं को लाभान्वित करने 40 इकाई का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। आवेदक स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से एक लाख रू से 50 लाख रू तक का उद्योग इकाई और सेवा इकाई के लिए एक लाख रू से 25 लाख रू तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत स्वीकृत इकाई लागत पर 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से अधिकतम 7 वर्षाे तक ब्याज अनुदान देय होगा। संत रविदास स्वरोजगार योजना का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के 18 से 45 वर्ष तक की आयु के नागरिक आवेदन कर सकते हैं। आवेदक जिले का मूल निवासी होना चाहिए तथा पूर्व में किसी बैंक या शासकीय संस्था से डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 08वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए तथा परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रू से अधिक नहीं होना चाहिए। आवेदक वर्तमान में राज्य शासन एवं केन्द्र सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभार्थी ना हो। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को samsat.mponline.gov.in पर ऑनलाईन आवेदन करना होगा। योजनाओं तथा आवेदन प्रक्रिया के संबंध में अधिक जानकारी हेतु कलेक्ट्रेट कार्यालय भवन में क.न.-56 स्थित अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित कार्यालय में तथा मोबाईल नम्बर 7974807068 पर सम्पर्क किया जा सकता है।